मंगलवार के दिन करें ये अचूक टोटका, हनुमान जी सभी दुःखों से देंगे मुक्ति
नई दिल्ली :- हमारा गुमला जिले के आंजन धाम को प्रभु श्री राम के सबसे प्रिय भक्त हनुमान जी की जन्मस्थली मानी जाती है. आंजन धाम जिला मुख्यालय से लगभग 19 किमी दूर हरे-भरे पेड़, पौधे और ऊंची पहाड़ियों की चोटी में स्थित है. मान्यता के अनुसार यही राम लला के सबसे प्रिय भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था. बताते चलें कि यह जिले व राज्य का पहला ऐसा मंदिर है ,जहां हनुमान जी की अति दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है. यहां हनुमान जी अपने बाल स्वरूप में चारों ओर घनघोर जंगल के बीच ऊंची पहाड़ी में मां अंजनी की गोद में विराजमान है. मान्यता के अनुसार इसी पहाड़ की चोटी पर गुफा में माता अंजनी ने हनुमानजी को जन्म दिया था. इसलिए इस गांव को आंजनधाम के नाम से जाना जाता है. एक तो हनुमान जी की भक्ति व ऊपर से यहां की अदभुत प्राकृतिक छटा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है और सभी का मन मोह लेती है.
मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी को समर्पित है. वहीं मान्यता है कि अगर आप सच्चे मन से प्रभु श्रीराम की पूजा अर्चना करते हैं, तो भी हनुमान जी प्रसन्न होते हैं. कहा जाता है कि मंगलवार और शनिवार के दिन सच्चे मन से बजरंगबली की पूजा अर्चना करने से और यह खास चीज चढ़ाने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सारे कष्टों को हरते हैं.आइए जानें आंजनधाम के पुजारी से कैसे करें हनुमान जी को प्रसन्न –
आंजन धाम के पुजारी केदारनाथ पांडे ने लोकल 18 को बताया कि मंगलवार व शनिवार का दिन भगवान हनुमान जी को समर्पित है, लेकिन विशेष रूप से मंगलवार को पूजा जाता है. मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से जीवन के दुख- दर्द दूर होने लगते हैं, इसके साथ ही जीवन में रुके हुए कार्य में सफलता मिलती है. हनुमान जी की कृपया पाने के लिए मंगलवार के दिन उन्हें भखरा सिन्दूर चढ़ाएं, चमेली के तेल में भी भखरा सिंदूर मिलाकर अर्पित कर सकते हैं. चमेली का फूल अर्पित करें, चमेली के तेल का दीपक जलाएं.
वहीं इनकी विशेष कृपा पाने के लिए मंगलवार के दिन इन्हें मीठा पान का बीड़ा चढ़ाना अत्यंत लाभकारी माना जाता है, ऐसा करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं. और अपने भक्तों के दुःख, तकलीफ, बाधा व जीवन के सभी दोष दूर होते हैं और फल की प्राप्ति होती है. साथ ही भय ,दुख, पाप, दोष का निवारण होता है और सुख-शांति व समृद्धि की प्राप्त होती है.साथ ही जीवन की सभी मनोकामना पूर्ण होती है.