Haryana News: गांव में सरकार ने नहीं बनवाया पुल तो पूरे गांव ने नहीं डाला वोट, खाली EVM लेकर लौटे अधिकारी
फतेहाबाद, Haryana News :- माजरी टापू गांव के बीच यमुना नदी पर पुल नहीं बनाने के कारण लोकसभा चुनाव में भाग नहीं लिया। ग्रामीणों को चुनाव का बहिष्कार बताने के लिए डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने डीडीपीओ नरेंद्र कुमार और नायब तहसीलदार अमित सिंह को भेजा। लेकिन अधिकारियों ने लाख कोशिश की, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि जगाधरी पहुंचने के लिए उन्हें या तो यमुना पार करने वाली नाव का सहारा लेना पड़ता है या 40 किमी यूपी से घूम कर आना पड़ता है। गांव में लगभग 1800 लोग रहते हैं, जिसका क्षेत्रफल 650 वोटर है। यमुनानगर विधानसभा और माजरी टापू दोनों यमुना नदी के दूसरे छोर पर हैं। माजरी टापू गांव के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में अंबाला लोकसभा बूथ 232 पर मतदान नहीं हुआ, लेकिन घोड़ा पिपली में कुछ लोगों ने मतदान किया। पोलिंग पार्टी पूरे दिन मतदाताओं की प्रतीक्षा करती रही।
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यमुना पर पुल बनाने की आवश्यकता
यमुना नदी पर पुल बनाने के विरोध में चार दिन पहले गांव के लोगों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया था। डीसी कैप्टन मनोज कुमार गांव पहुंचे। शुक्रवार की शाम को पोलिंग पार्टी माजरी टापू गांव में सुरक्षाबलों के साथ पहुंची थी, जहां चुनाव कराया जाना था। पोलिंग पार्टी ने अपनी तैयारी रात में ही पूरी कर दी थी।
DC ने की ग्रामीणों को समझने की कोशिश
शनिवार की सुबह मॉकपोल हुआ। सात बजे मतदान शुरू हुआ, लेकिन कोई भी मतदान करने नहीं आया। एजेंट भी नहीं बनना चाहते हैं। बाद में, दोपहर 10 बजे ग्रामीणों द्वारा चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी पोलिंग पार्टी ने अधिकारियों को दी. डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने डीडीपीओ नरेंद्र कुमार और नायब तहसीलदार अमित सिंह को गांव में भेजा।
रूटीन कार्य कर रहे ग्रामीण
ग्रामीणों से अधिकारियों ने पूर्व सरपंच अशोक कुमार की बैठक में सरपंच अरुण कुमार की उपस्थिति में चर्चा की। दोनों अधिकारियों ने लगभग दो घंटे तक ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने अधिकारियों की एक भी बात नहीं सुनी। ग्रामीणों ने कहा कि यमुना पर पुल बनाने तक चुनाव नहीं होंगे। ग्रामीण लोग लोकसभा चुनाव के दौरान दिन भर काम करते रहे। सुबह गांव के लोग खेतों में जाकर काम करके वापस आए। मतदान केंद्र में कोई भी नहीं गया और नहीं देखा। मतदान केंद्र पर पुलिस बल लगाया गया था। लेकिन ग्रामीणों ने पोलिंग पार्टी को भोजन भी दिया।