शेयर बाजार में पैसा लगाने वालो पर SEBI के नए नियम, जान सबके पैरो के निचे से निकली जमीन
नई दिल्ली :- मनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक- भारतीय शेयर बाजार के रेगुलेटर SEBI (Securities and Exchange Board of India) ने 110 से ज्यादा ब्रोकर्स को जारी किए गए नोटिस के सॉल्युशंस के लिए एक सेटलमेंट स्कीम तैयार कर ली है. इन ब्रोकर्स पर अनियमित अल्गो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स से जुड़े होने का आरोप है. इस लिस्ट में Zerodha, 5Paisa, Motilal Oswal जैसे बड़े ब्रोकर्स भी शामिल हैं.
क्या है मामला?
कई अनियमित प्लेटफॉर्म्स (जैसे Tradetron) ब्रोकर सिस्टम से जुड़कर ऑटोमैटिक अल्गो ट्रेडिंग की सुविधा दे रहे थे. इन प्लेटफॉर्म्स पर गारंटीड रिटर्न का दावा किया जा रहा था, जो SEBI के नियमों का उल्लंघन है. SEBI ने जून 2022 में चेतावनी दी थी और सितंबर 2022 में एक सर्कुलर जारी कर ऐसे प्लेटफॉर्म्स के साथ ब्रोकर्स को संबंध तोड़ने का निर्देश दिया था. बावजूद इसके, कई ब्रोकर्स ने इन प्लेटफॉर्म्स से जुड़े रहकर अल्गो ट्रेडिंग को प्रमोट किया, जिससे SEBI ने जांच के बाद 110 से ज्यादा ब्रोकरों को शो-कॉज नोटिस भेज दिया.
कैसी होगी SEBI की सेटलमेंट स्कीम
मार्च 24 को SEBI बोर्ड मीटिंग में इसे पेश किया जाएगा, जिसके बाद इसे लागू किया जाएगा. स्कीम के तहत, ब्रोकर्स मामूली जुर्माना (₹1-2 लाख) देकर सेटलमेंट कर सकते हैं. यह स्कीम तीन महीने तक खुली रहेगी, और जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है.SEBI इस मामले को जल्दी सुलझाना चाहता है ताकि यह किसी बड़े कानूनी विवाद में न उलझे.
SEBI के नए नियम क्या कहते हैं
4 फरवरी 2025 को SEBI ने नए नियम जारी किए, जिनमें कहा गया कि ब्रोकर्स को अल्गो ट्रेडिंग के लिए पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी. अब कोई भी अल्गो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बिना स्टॉक एक्सचेंज से अप्रूवल लिए काम नहीं कर सकता.गैर-रजिस्टर्ड अल्गो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स के साथ ब्रोकर्स को काम करने से मना किया गया है.
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है
SEBI की सख्ती का मतलब है कि अब शेयर बाजार में अल्गो ट्रेडिंग पहले से ज्यादा सुरक्षित होगी. निवेशकों को ऐसे प्लेटफॉर्म्स से बचना चाहिए, जो गारंटीड रिटर्न का दावा करते हैं. जो लोग अल्गो ट्रेडिंग करना चाहते हैं, उन्हें केवल रजिस्टर्ड ब्रोकर्स और एक्सचेंज-रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स के जरिए ही ट्रेडिंग करनी चाहिए.