सरकारी खरीद शुरू होने से पहले राकेट की रफ़्तार से बढ़ी गेहूं की कीमत, भाव जान किसान बाँट रहे है लड्डू
नई दिल्ली :- गेहूं के बाजार में इस हफ्ते जबरदस्त हलचल रही! सरकारी नीलामी में गेहूं के दाम (Wheat Prices) ने ऊंची छलांग मारी और वजह भी बड़ी दिलचस्प है। प्रोसेसर (Processors) को खरीदारी की लिमिट बढ़ाकर 400 टन कर दी गई, जिससे वे खुले हाथों से खरीदारी करने लगे। उधर सरकार ने स्टॉक लिमिट में भारी कटौती कर दी जिससे बाजार में हड़कंप मच गया। इस बार गेहूं का बाजार पूरी तरह से खेल-तमाशा बना हुआ है कभी कीमतें ऊपर तो कभी नीचे
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गेहूं की नीलामी में मचा तहलका
बुधवार को हुई सरकारी ई-नीलामी (E-Auction) में 4 लाख टन गेहूं में से लगभग पूरा 3,99,940 टन बिक गया। पिछले हफ्ते 3 लाख टन में से 2,93,110 टन की बिक्री हुई थी। यानि डिमांड में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सबसे बड़ा कारण यह रहा कि इस बार प्रोसेसर को ज्यादा मात्रा में खरीदारी करने की छूट दी गई। अब मजेदार बात यह है कि मिलर्स (Millers) पूरी तरह से सरकारी गेहूं पर निर्भर हैं और जैसे ही उन्हें थोड़ा ज्यादा खरीदने का मौका मिला वे अब नहीं तो कब वाली सोच के साथ टूट पड़े। बाजार में आटा, रवा और मैदा की डिमांड भी बनी हुई है तो गेहूं की कीमतें उछलना लाजमी था।
अफवाहों से गरमाया गेहूं का बाजार
अब जरा अफवाहों की चिंगारी वाली बात समझिए! व्यापारी कह रहे हैं कि तापमान बढ़ने से फसल पर असर पड़ सकता है, यानी पैदावार कम हो सकती है। ऊपर से अफवाह ये है कि सरकार मार्च से गेहूं की नीलामी बंद कर सकती है। अब सोचिए, जब ऐसे झटके लगेंगे, तो दाम तो आसमान छूने ही लगेंगे। हालांकि, सरकार की तरफ से कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है, लेकिन बाजार में हर कोई कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना वाली रणनीति अपनाए बैठा है।
स्टॉक लिमिट में बंपर कटौती
सरकार ने इस बार गेहूं के जमाखोरों (Hoarders) की बोलती बंद कर दी। स्टॉक लिमिट को 75% कम करके 250 टन कर दिया गया है, जबकि पहले ये 1,000 टन थी। ये बदलाव मार्च 2025 तक लागू रहेगा। सरकार का कहना है कि इससे बाजार में कीमतों को कंट्रोल किया जाएगा, ताकि आम जनता को आटे-दाल का भाव पता चले!
सरकार के फैसले से बाजार में आया बदलाव
सरकार के इस फैसले के बाद दिल्ली के बाजार में कीमतों में तुरंत 50 रुपये की गिरावट आ गई। बड़ी मिलें और व्यापारी जल्दबाजी में अपना स्टॉक बेचने लगे, जिससे सप्लाई बढ़ गई। हालाँकि, व्यापारी कह रहे हैं कि बाजार में डिमांड अच्छी बनी हुई है, इसलिए ज्यादा दिन तक सस्ता माल नहीं टिकेगा।
कहां कितनी रही बोली?
इस बार ई-नीलामी में राज्यों में अलग-अलग दाम देखने को मिले। आइए, किस राज्य में कितना भाव पर एक नजर डालते हैं—
उत्तर प्रदेश: ₹3,159 प्रति क्विंटल (Highest), ₹2,958 (Lowest)
हरियाणा: ₹3,335 प्रति क्विंटल
राजस्थान: ₹3,029 प्रति क्विंटल
कर्नाटक: ₹3,019 प्रति क्विंटल
बिहार: ₹2,803 प्रति क्विंटल
दिल्ली: ₹2,871 प्रति क्विंटल
पंजाब: ₹2,610 प्रति क्विंटल
इस हफ्ते की नीलामी में पंजाब (62,000 टन) और उत्तर प्रदेश (58,000 टन) में सबसे ज्यादा गेहूं बिका।
गेहूं की कीमतों का साप्ताहिक हाल
सप्ताह की शुरुआत में गेहूं का भाव ₹3,225 था, लेकिन बुधवार को ये ₹3,300 तक पहुंच गया। फिर, स्टॉक लिमिट कम करने के फैसले के बाद भाव 50 रुपये लुढ़ककर ₹3,250 पर आ गया। अब सवाल ये है कि आगे क्या होगा? शनिवार को 25 रुपये की तेजी के साथ बाजार बंद हुआ, तो सोमवार को उम्मीद है कि कीमतें थोड़ी और बढ़ेंगी। लेकिन व्यापारी अभी भी इस सोच में पड़े हैं कि सरकार कोई और बड़ा दांव न खेल दे!